Tuesday, May 11, 2021
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महिला डॉक्टर ने देशी जुगाड़ से बनाए पीपीई किट , लोग कर रहे हैं तारीफ !

हम सब ‘जुगाड़ तकनीक’ के बारे में बखूबी जानते है और खास कर महिलाएं जो हर जगह अपना जुगाड़ लगाने के लिए जानी जाती हैं ! करोना के इस मुश्किल घड़ी में इसकी आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है। जी हाँ ‘जुगाड़ तकनीक’ का इस्तेमाल कर बिहार की एक महिला डॉक्टर ने पीपीई किट उपलब्ध ना होने पर खुद से ही पीपीई किट बना ली। इस किट के जरिये वह खुद को संक्रमित होने से बचा रही हैं। इसकी जानकारी मिलते ही केंद्रीय स्वाथ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी इनकी तारीफ भी की है।

डॉ. गीता रानी जो एक स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग में विशेषज्ञ है। वे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत हैं। इनका कहना है कि करोना वायरस को हराने के लिए खुद को संक्रमित होने से बचाना जरूरी है। करोना वायरस एक ऐसी महामारी है जिससे सबको समान्य रूप से खतरा है। उन्होंने कहा कि वायरस के फैलने की खबर से हम सभी पहले से ही डरे हुए थे कि हमारे अस्पताल में भी एक करोना वायरस से संक्रमित मरीज की पुष्टि हुई। समस्या ये थी कि हमारे यहां पीपीई किट उपलब्ध नहीं था।

dr gita rani

डॉ. गीता रानी ने बताया कि इस स्थिति में भी हम दोनों पति-पत्नी को ड्यूटी करनी थी। उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के उनलोगों ने कार के कवर से पीपीई किट बनवाने को सोचा और टेलर को बुलाकर पीपीई किट बनवाया। गीता रानी के पति भी डॉक्टर है। उन्होंने बताया की यह पीपीई किट की तरह नहीं है, लेकिन वाटर प्रूफ और एयर प्रूफ जरूर है। वेलोग कहते है कि करोना सबके लिए एक समस्या जरूर है, लेकिन इसका समाधान भी हम सभी लोगों को हीं ढूढ़ना है।

इनलोगों ने ये भी कहा कि यही पीपीई किट पहनकर और छाता लगाकर ड्यूटी करते है। छाता के बारे में इन्होंने बताया की ये एक बढ़िया तरीका है सोशल डिस्टेंसिग के लिए। उनका कहना है कि अगर बाहर जाते समय सारे लोग छाता का उपयोग करे तो यह सबसे सही उपाय है।

डॉ. गीता और उनके पति कहते है कि यह किट पूरी तरह से उन्हें सुरक्षा प्रदान करता है और इसे पहनकर ये लोग कई ऑपरेशन भी किये है। इस किट की सबसे खास बात यह है कि इसे कई बार धोने के बाद भी इसका इस्तेमाल किया जा  सकता है।

 डॉ. रानी ने अपने इस प्रयोग की जानकारी बिहार के मुख्यमंत्री, स्वाथ्य मंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को भी दी। उन्होंने भी इनकी काफी तारीफ की। फिलहाल अब अस्पताल में पीपीई किट उपलब्ध है, लेकिन ‘जुगाड़ तकनीक’ से बने इस किट की लोगों ने काफी तारीफ की है।

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