Thursday, June 24, 2021
Home Uncategorized बिहार के इस भूमि का सम्बंध महाभारत से है, जरासंध और भीम...

बिहार के इस भूमि का सम्बंध महाभारत से है, जरासंध और भीम के बीच यहीं युद्ध हुआ था

बिहार प्रान्त के नालंदा जिले में स्थित राजगीर शहर एक ऐतिहासिक स्थान है। यह शहर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों से जाना जाता है। प्राचीन समय में इसे राजगृह कहा जाता था। इस भूमि पर कई धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राचीन स्थान हैं। उनमे से ही एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थान जरासंध का अखाड़ा है। यह मुख्य रूप से चन्द्रवंशी महाराज जरासंध की वह युद्धभूमि है जहाँ पाण्डु पुत्र भीम से उनका युद्ध हुआ था। इसकी कहानी महाभारत काल से जुड़ी है।

महाभारत काल में मगध प्रदेश के एक बेहद शक्तिशाली शासक हुआ करता था। उनका नाम जरासंध था। उनकी कीर्ति अन्य कई प्रदेशों तक थी। वह एक बलशाली शासक था और उसे भगवान से वर भी प्राप्त था। उसके अत्यन्त शक्तिशाली होने के कारण कई प्रदेश के राजा उससे डरते थे और उसके खिलाफ कुछ भी नहीं बोलते थे। जरासंध ने कई सहस्त्र राजाओं को बन्दी बना रखा था। उन राज्यों की प्रजा उसकी क्रूरता से बेहद दुखी थी।

Jarasndh Akhara,Rajgir
Jarasandh Akhara, Rajgir

जरासंध और भीम के बीच युद्ध

भगवान श्रीकृष्ण जरासंध के बढ रहे क्रूरता को खत्म करने हेतु भीम को लेकर राजगृह पहुँचे। इसके बाद जरासंध और भीम के बीच युद्ध करवाया। ऐसा कहा जाता है कि भीम और जरासंध के बीच यह युद्ध 18 दिनों तक चला, जिसमें भीम ने श्रीकृष्ण जी के बताए बुद्धि की सहायता से जरासंध का वध कर दिया। जरासंध के वध के साथ ही उसके कारागार में कैद सहस्त्रों राजाओं को मुक्त करवाया गया। तब से लेकर आज तक यह भूमि जरासंध और भीम के बीच हुए भीषण युद्ध की दास्ताँ सुनाती है।

जरासंध की खास बातें –

  1. इस अखाड़े की सबसे खास बात यह है कि यहाँ की मिट्टी उजले रंग की है।
  2. जरासंध के अखाड़े की दीवारें ऊँची हैं और इसके अंदर युद्ध अभ्यास करने के लिए कई हिस्से बने हुए हैं।
  3. इस अखाड़े के बारे में कहा जाता है कि जरासंध इस मिट्टी में रोजाना सैकड़ों लीटर दूध और दही मिलाया करते थे।
Jarasandh Akhara, Rajgir

वर्तमान में जरासंध अखाड़ा

हम सब जानते हैं कि राजगीर में कुश्ती का इतिहास बहुत पुराना है। एक समय में मगध सम्राट खुद भी दाव आजमाते थे। उनका अखाड़ा आज भी इसका गवाह है। इसकी चर्चा धर्म ग्रंथों में भी मिलती है। प्रागैतिहासिक कालीन इस अखाड़े का अस्तित्व आज खतरे में है। इस गौरवशाली अखाड़े की पहचान महज एक टीले के रूप में सिमट कर रह गई है। इसे देखने के लिए देश और दुनिया के सैलानियों के अलावा शैक्षणिक भ्रमण पर आये स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में आते हैं। सभी यहाँ के गौरव गाथा जानकर बहुत खुश होते हैं। यहाँ पर आकर वे द्वापर युग से रूबरू होते हैं लेकिन वे यह देखकर निराश हो जाते हैं कि द्वापर कालीन इस धरोहर को सहेजने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के पास कोई विजन नहीं है।

यह भी पढ़ें- सनातन से विश्वपटल पर अपने ज्ञान के प्रकाश के लिए विख्यात नालंदा विश्वविधालय एक वैश्विक धरोहर है

पहुँचने का मार्ग

यह राजगीर पर्यटन क्षेत्र का एक हिस्सा है जो राजगीर बाजार से 6 किलोमीटर दूर सोनभंडार के तरफ है। यहाँ पहुँचने के लिए रेलमार्ग और सड़क मार्ग दोनों की उपलब्धता है। बिहार की राजधानी पटना से करीब 100 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस स्थान पर बस से पहुँचा जा सकता है। यात्री प्राईवेट गाड़ी बुक करके भी यहाँ जा सकते हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन राजगीर है। वहाँ उतकर ऑटो, रिक्शा आदि से जरासंध का अखाड़ा जाया जा सकता है। दोनों ही मार्ग बेहद सुगम है।

यहाँ क्लिक कर पढ़ें देश-दुनिया की सकारात्मक खबरें

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

मात्र 20 मिनट में 9 KM साइकिल चलाकर डिलीवरी बॉय ने खाना पहुंचाया, खुश होकर कस्टमर ने एक बाइक गिफ्ट कर दी

आज के समय में भी दुनिया में एक से एक दयालु लोग है। आज हम बात करेंगे, हैदराबाद निवासी राॅबिन मुकेश (Robin Mukesh) की।...

हरियाणा की महिमा ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में SSB टॉप किया, अब आर्मी अफसर बनकर देश की सेवा कर रही हैं

भारत एक पुरुष प्रधान देश है। यहां सदियों से महिलाओं को पर्दों के अंदर रखने की परंपरा चलते आई थी। जैसे जैसे समाज शिक्षित...

इस युवक ने मशीन की जगह बाइक के जड़िये ट्यूबवेल से निकला पानी, वो भी सिर्फ 30 रुपये की लागत में: जानिए कैसे

आज भी भारत मे कई जगहों पर बिजली की समस्या देखने को मिलती है। जिस वजह से वहां के लोगों को हर रोज कोई...

एक बाल्टी में रसगुल्ला बेचने के लेकर भारत की सबसे लोकप्रिय ब्रांड बनने तक की कहानी: जानिए हल्दीराम का ब्राण्ड का यह सफर

अक्सर हमलोगों ने अभी तक लगभग जितने भी कंपनी या बड़े-बड़े कारोबारीयों के सफलता के पीछे की एक संघर्ष से भरी कहानी सुनते हैं।...