Tuesday, July 27, 2021
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निरमा वाशिंग पाउडर के सफलता के पीछे छुपी है इस शख्स की कड़ी मेहनत, जो आज 25 हजार करोड़ का ब्राण्ड बन चुका है : मेहनत का फल

“बिना कठिन मेहनत के सफलता नहीं मिलती।”

निरमा वाशिंग पाउडर, जो अस्सी-नब्बे के दशक में भारत का सबसे प्रसिद्ध डिटर्जेंट था या यूं कहें तो यह भारत पर राज करता था। इस फेमस ब्राण्ड के सफलता के पीछे भी एक शख्स की कड़ी मेहनत छुपी हुई थी।

निरमा जैसे बड़े ब्राण्ड के सफलता की वजह करसन भाई पटेल का कठिन परिश्रम था। किसान परिवार से सम्बंध रखने वाले करसन भाई पटेल (Karasan Bhai Patel) का जन्म भारत के उत्तरी गुजरात में हुआ था। उन्होंने रासायन विज्ञान से ग्रेजुएशन किया है।

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कैसे हुई निरमा की शुरुआत

करसन भाई ने स्नातक की शिक्षा पूरी करके कॉटन मिल्स में नौकरी करने लगे। कुछ दिनों तक वहां नौकरी करने के बाद वे एक मायनिग डिपार्टमेंट में लैब टेक्नीशियन की नौकरी की, लेकिन वे चाहते थे कि खुद का व्यवसाय शुरु करें। टेक्नीशियन की नौकरी करने के साथ ही उन्होंने अपने बरामदे में खुद की एक छोटे-से व्यवसाय की शुरुआट की। वे बिना किसी की सहायता लिए खुद डिटर्जेंट पाउडर बनाकर पैक करते और फ़िर उसको बेचने के लिए साइकिल से निकल जाते थे।

अपने द्वारा बनाए गए डिटर्जेंट को करसन भाई (Karasan Bhai Patel) 3 रुपये प्रति किलो बेचते थे, जो बाकी वाशिंग पाउडर की तुलना में बहुत सस्ता पड़ता था। अच्छी क्वालिटी के साथ सस्ता होने के वजह से लोगों ने इसे काफी पसंद किया और धीरे-धीरे इसमें अच्छा मुनाफा होने लगा।

बेटी के नाम पर रखा डिटर्जेंट का नाम

वाशिंग पाउडर के सफलता की ओर अग्रसर होने के बाद करसन भाई ने इस वाशिंग पाउडर का नाम अपनी बेटी ‘निरूपमा’ के नाम पर ‘निरमा’ रख दिया, जो आगे चलकर बड़ा ब्राण्ड बन गया और पूरे देश में छा गया। व्यवसाय में तीन वर्ष तक सफलता पूर्वक मुनाफा होने के बाद करसन भाई ने अपनी नौकरी छोड़कर अहमदाबाद में एक छोटी-सी वर्कशॉप खोली। कम मूल्य और बेहतर क्वालिटी होने के कारण निरमा वाशिंग पाउडर गुजरात समेत पूरे देश में लोकप्रिय हो गया।

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निरमा इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉज़ी की स्थापना

लंबे संघर्ष के बाद करसन भाई ने वर्ष 1995 में निरमा इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉज़ी (Nirma Institute of Technology) की स्थापना की, जो आगे चलकर गुजरात का लीडिंग इंजीनियरिंग कॉलेज बन गया।

पद्मश्री सम्मान से हुए सम्मानित

एक समय ऐसा भी था जब पूरे भारत में निरमा वाशिंग पाउडर (Nirma Washing Powder) राज करता था। हर गांव, हर घर में इसका इस्तेमाल होता था। वर्ष 2010 में करसन भाई पटेल को पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था। आपकों बता दें कि वर्तमान में निरमा ग्रुप की सालाना आय 1 बिलियन डॉलर है और इसमें 15 हजार लोग काम करते हैं।

Shikha Singh
Shikha is a multi dimensional personality. She is currently pursuing her BCA degree. She wants to bring unheard stories of social heroes in front of the world through her articles.

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