Friday, April 23, 2021
Home धरोहर सनातन से विश्वपटल पर अपने ज्ञान के प्रकाश के लिए विख्यात नालन्दा...

सनातन से विश्वपटल पर अपने ज्ञान के प्रकाश के लिए विख्यात नालन्दा विश्वविद्यालय एक वैश्विक धरोहर है

बिहार स्थित नालन्दा को ज्ञान की धरती कहा जाता है। नालन्दा के लिए संस्कृत में उद्धृत है “नलं ददाति इति नालन्दा”। अर्थात् जो ज्ञान प्रदान करे वही नालन्दा है। नालन्दा में दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय था। जिसका नाम नालन्दा विश्वविद्यालय था। शिक्षा-संचार के मामले में यह विश्वविद्यालय दुनिया भर में बेहद मशहूर था।

नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना

इस विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के शासक सम्राट कुमार गुप्त ने 5 वीं शताब्दी में की थी। नालंदा विश्वविद्यालय में भारत से ही नहीं बल्कि और भी अन्य देशों जैसे जापान, ईरान, ग्रीस, कोरिया, तिब्बत, इंडोनेशिया, चीन, मंगोलिया आदि से भी छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे।

Nalanda University

चयन प्रक्रिया

यहां विद्यार्थियों का चयन तीन परीक्षा पास कर लेने के बाद उनके काबिलियत के आधार पर होता था। नालंदा विश्वविद्यालय में जितने भी छात्र रहते थे, सबको खाना, रहना और पढ़ना निःशुल्क था। नालंदा विश्वविद्यालय में लगभग 10 हजार छात्र पढ़ते थे। इस विश्वविद्यालय में लगभग 2 हजार से ज्यादा शिक्षक थे। नालंदा विश्वविद्यालय में 300 कमरे, सात बड़े- बड़े कक्ष और एक विशाल 9 मंजिला पुस्तकालय था।

नालन्दा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में था पुस्तकों का अकूत भंडार

नालंदा विश्वविद्यालय में यह पुस्तकालय तीन भाग रत्नरंजक, रत्नोंदधी और रत्नसागर में बंटे थे। इस पुस्तकालय में लगभग तीन लाख से भी ज्यादा पुस्तकें थी। नालंदा विश्वविद्यालय में लिटरेचर, एस्ट्रोलॉजी, साइकोलॉजी, लॉ एस्ट्रोनॉमी, विज्ञान, वरकेयार, इतिहास, गणित, आर्किटेक्चर, मेडिसिन, इकोनोमी समेत कई विषयों की पढ़ाई होती थी। नालंदा विश्वविद्यालय में हर्षवर्धन, धर्मपाल, वसुबंधु, धर्मकृती, अर्यवेद, नागार्जुन जैसे कई विद्वान ने पढ़ाई की हैं।

यह भी पढ़ें- बिहार के इस भूमि का सम्बंध महाभारत से है, जरासंध और भीम के बीच यहीं युद्ध हुआ था

निर्माण कला का नमूना

नालंदा विश्वविद्यालय विशाल दीवारों से चारों ओर से घिरा हुआ था। इस विश्वविद्यालय के अंदर भगवान बुद्ध की बहुत ही सुन्दर मूर्ति थी, जो नष्ट हो चुकी है। वर्तमान में नालंदा विश्वविद्यालय की खुदाई की गई तो इसमें 13 मठ मिले जिसके बाद भी और मठ होने की संभावना है। प्रत्येक मठ के आंगन में एक कुआं बना था। कमरे में सोने के लिए पत्थर की चौकी बनी थी। यहां आठ विशाल भवन, दस मंदिर, अनेकों प्रार्थना कक्ष, अध्ययन कक्ष के अलावा विश्वविद्यालय के परिसर में बगीचे और झीलें भी थी। चीन के प्रसिद्ध विद्वान ह्मने त्सांग और इत्तिसिंग ने कई वर्षों तक इसी विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की थी।

Nalanda University

बख्तियार खिलजी ने कर दिया नष्ट

1199 में तुर्की आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय पर आक्रमण कर इसे नष्ट कर दिया। बख्तियार खिलजी ने पुस्तकालय के किताबों को जला दिया। यह किताबें तीन महीने तक जलती रहीं जिसके बाद नालंदा विश्वविद्यालय खंडहर में तब्दील हो गया। जिसके अवशेष आज भी मौजूद हैं।

नालन्दा विश्वविद्यालय आज है प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

नालन्दा विश्वविद्यालय के खंडहर को देखने के लिए विदेशों से भी लोग आते रहते हैं। यहाँ घूम-घूमकर इसकी कीर्ति और इसकी महानता की बात करीब से महसूस करते हैं। यह बिहार के एक प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।

फिर से जीवित करने की है कोशिश

इस विश्वविद्यालय को एक बार पुन: शुरू किया गया है जिसकी स्थापना 2010 में की गई। पुराने नालन्दा विश्वविद्यालय के खंडहर से अलग इसका निर्माण हुआ है जहाँ पर वर्तमान में पढाई शुरू हो चुकी है। भारत के अलावा कई अन्य देशों के छात्र भी यहाँ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- एक बेटा अधिकारी और दूसरा नेता, फिर भी बूढ़ी मां सड़कों पर रहने को मजबूर, शरीर मे पड़ गए थे कीड़े

Rajnikant Jha
Rajnikant Jha is a graduate lad from Bihar. He is looking forward to understand difficulties in rural part of India. Through Logically , he brings out positive stories of rural India and tries to gain attention of people towards 70% unnoticed population of country.

3 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

सबसे लोकप्रिय

एक ऐप बनाकर कायम की सफलता। महज 13 वर्ष की उम्र में बने CEO

कहते है कि कुछ करने का हौसला हो तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। आज बात एक ऐसे हीं बेहद...

बिहार की एक छोटी बच्ची ने अपने हुनर से भौगोलिक तत्थों की जानकारी जुटाने का यंत्र बनाया

लड़कियों के बारे में अक्सर हम यहीं सुनते आए हैं कि उसे खाना बनाने आता है, सिलाई-बुनाई आता तो वह अच्छी मानी जाती है...

बिहार: जहां का खान-पान , वेश-भूषा से लेकर सांस्कृतिक सौन्दर्यता तक विश्व विख्यात है। क्लिक कर पढ़ें पूरी कहानी।

भारत देश का बिहार राज्य जहाँ की संस्कृति, संस्कार और कला की एक अलग हीं पहचान है। यहां की संस्कृति , सभ्यता काफी प्रसिद्ध...

एक गरीब किसान के बेटे ने अपनी काबिलियत से खङी कर दी देश की अग्रणी दवा कम्पनी “एल्केम”

दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते है, जिनकी कहानी हमें अपने सपनों को पूरा करने की ताकत देती है। एक ऐसे व्यक्ति की कहानी...